झारखंड में दिल दहला देने वाला मामला, मां ने बच्चों के साथ कुएं में लगाई छलांग, मासूमों की मौत : झारखंड के गिरिडीह जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह के चलते एक महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगा दी। इस दर्दनाक हादसे में तीनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना ने पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा फैला दिया है।
घटना का विवरण
यह हृदय विदारक घटना गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत खसलोडीह लताकी गांव की है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सोनू चौधरी और उनकी पत्नी के बीच किसी पारिवारिक विषय को लेकर तीखा विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि विवाद इतना बढ़ गया कि मानसिक तनाव में आकर महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ घर से निकलकर नजदीक स्थित एक सिंचाई कूप में छलांग लगा दी।
स्थानीय लोगों ने जब चीख-पुकार सुनी तो मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी और महिला अचेत अवस्था में पाई गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। महिला को आनन-फानन में कुएं से बाहर निकाल कर गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
मृत बच्चों की पहचान
मृतक बच्चों की पहचान इस प्रकार की गई है
अविनाश कुमार (उम्र: 6 वर्ष)
रानी कुमारी (उम्र: 4 वर्ष)
फूल कुमारी (उम्र: 2 वर्ष)
तीनों बच्चे सोनू चौधरी और उसकी पत्नी के संतान थे। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही देवरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पारिवारिक तनाव का लग रहा है। महिला के होश में आने के बाद ही सटीक जानकारी मिल पाएगी।
गांव वालों की प्रतिक्रिया
घटना से स्तब्ध ग्रामीणों ने बताया कि सोनू चौधरी और उसकी पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे। हालांकि किसी को यह अंदेशा नहीं था कि मामला इस कदर भयावह मोड़ ले लेगा। गांव के मुखिया और अन्य समाजसेवियों ने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता
यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि घरेलू तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी किस तरह से जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

