NayakTheRealHero : फ्लॉप से कल्ट क्लासिक बनी ‘नायक’ : – भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस (#BoxOffice) पर कमाल नहीं दिखा पातीं, लेकिन वक्त के साथ दर्शकों के दिलों पर राज करने लगती हैं। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी ही फिल्म की, जिसने राजनीति को पर्दे पर देखने का नजरिया ही बदल दिया। इस फिल्म का नाम है ‘नायक: द रियल हीरो’, जो 24 साल बाद भी उतनी ही दमदार लगती है।
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रिलीज पर फ्लॉप, वक्त के साथ सुपरहिट
साल 2001 में रिलीज हुई एस. शंकर की इस फिल्म का बजट करीब 21 करोड़ रुपये था। फिल्म ने अपनी लागत के आसपास ही कमाई की और इसे बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित कर दिया गया। लेकिन असली कहानी यहां खत्म नहीं होती। जब ‘नायक’ टीवी पर आई, तो इसने दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बना ली और धीरे-धीरे यह एक कल्ट क्लासिक बन गई।
इंटरव्यू सीन जिसने इतिहास बना दिया
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसका आइकॉनिक इंटरव्यू सीन है, जहां एक आम पत्रकार शिवाजी राव, भ्रष्ट मुख्यमंत्री बलराज चौहान से सवाल करता है, अनिल कपूर की जबरदस्त एनर्जी और अमरीश पुरी की दमदार निगेटिव परफॉर्मेंस ने इस सीन को आज भी यादगार बना दिया है।
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शाहरुख खान थे पहली पसंद
बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए निर्देशक एस. शंकर की पहली पसंद शाहरुख खान थे। लेकिन उनके मना करने के बाद यह रोल अनिल कपूर को मिला। अनिल कपूर (#AnilKapoor) ने इस किरदार में जान डालकर इसे अपने करियर के सबसे यादगार रोल्स में शामिल कर लिया।
कहानी, किरदार और म्यूजिक
फिल्म में एक आम आदमी का एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनना और सिस्टम को हिलाकर रख देना आज भी दर्शकों को रोमांचित करता है, रानी मुखर्जी के साथ अनिल कपूर की केमिस्ट्री, परेश रावल का सपोर्टिंग रोल और फिल्म का म्यूजिक—खासतौर पर ‘चिड़ी उड़ी बस’—आज भी लोगों को याद है।
क्यों खास है ‘नायक’?
‘नायक’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सोच है। यही वजह है कि फ्लॉप होने के बावजूद यह फिल्म समय के साथ लोगों की आवाज बन गई और आज एक सच्ची कल्ट क्लासिक मानी जाती है।

