डॉ. आंबेडकर पर विवाद | SC-ST बनाम सवर्ण आंदोलन की चुनौती :- नमस्कार दोस्तों, ग्वालियर और आसपास के जिलों में आज 15 अक्टूबर 2025 को भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। डॉ. भीमराव आंबेडकर पर दिए गए एक विवादित बयान के बाद अनुसूचित जाति संगठनों और सवर्ण समाज के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
पूरा मामला अधिवक्ता अनिल मिश्रा के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने डॉ. आंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, इसके बाद अनुसूचित जाति संगठनों ने जोरदार विरोध जताया और एफआईआर दर्ज करवाई, जवाब में सवर्ण संगठन और अधिवक्ता समाज ने एफआईआर का विरोध किया और प्रशासनिक अफसरों के पुतले जलाए, बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों ने 15 अक्टूबर को आंदोलन करने की चेतावनी दे दी।
हालांकि, प्रशासन ने दोनों पक्षों से बैठक कर प्रदर्शन न करने की सहमति तो ले ली, लेकिन तनाव की स्थिति को देखते हुए कोई रिस्क नहीं लिया जा रहा. ग्वालियर को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है, 4,000 जवान शहर में तैनात किए गए हैं, जो बलवा किट के साथ पूरी तरह तैयार हैं।
70 से अधिक चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और मुख्य चौराहों पर सघन चेकिंग की जा रही है. बाहरी गाड़ियों और यात्रियों पर खास निगाह रखी जा रही है।
शहर की सीमाएं सील कर दी गई हैं और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों को रडार पर लिया गया है।
आईजी अरविंद सक्सेना ने चंबल रेंज, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, गुना और शिवपुरी के पुलिस अधीक्षकों से संवाद कर सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं, हर जिले में चेकिंग प्वाइंट लगाए गए हैं ताकि असामाजिक तत्व ग्वालियर तक पहुंच न सकें, हालात पर IG-DIG और SSP खुद नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन की पूरी कोशिश है कि शांति बनी रहे, लेकिन अगर किसी ने कानून हाथ में लेने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
हमारी आपसे अपील है – अफवाहों से दूर रहें, सोशल मीडिया पर संयम रखें और शहर में अमन बनाए रखने में सहयोग करें।

