Astrologyfacts ; क्या जुड़वां बच्चों की किस्मत भी एक होती है ? :- अक्सर हर मोहल्ले में एक-दो घर ऐसे होते हैं, जहां जुड़वां बच्चे जरूर होते है. यही बात बहुतेरे स्कूलों में देखने को मिलता है कि किसी न किसी क्लास में जुड़वां मिल ही जाते हैं. यह भी देखा गया है कि ये बच्चे देखने में लगभग एक जैसे, स्वभाव भी लगभग एक समान और पढ़ाई में भी ज्यादा उन्नीस-बीस नहीं होता है. इनके रिजल्ट भी लगभग एक जैसे ही होते है, जैसे किसी 69% आएगा, तो किसी को 70%. ऐसे यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या जुड़वां बच्चों की किस्मत एक जैसी होती है? आइए जानते हैं, इस बारे में ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है?
ज्योतिष के अनुसार, यदि जन्म में 3 से 10 मिनट के भीतर जन्मे जुड़वां बच्चों का नसीब एक जैसा हो सकता है, यदि दोनों बच्चे एक ही लिंग के हों. यह कम समय अंतराल में जन्म का समय और स्थान समान होने के कारण होता है।
लेकिन, जब जुड़वां बच्चों के जन्म में 10 मिनट से अधिक का समय होता हैं, अधिकांश ग्रहों और नक्षत्रों की डिग्री लगभग पूरी तरह बदल जाती हैं. इससे बच्चों का भविष्य बदल जाता है. आपको बता दें, शनि और बृहस्पति यहां अपवाद हैं।
अक्सर जुड़वां बच्चों की कुंडली में लग्न सहित कई समानताएं होती हैं. इससे लोग अंदाजा लगा लेते हैं कि उन बच्चों का भाग्य एक जैसा होगा. लेकिन वास्तव में ऐसा तब ही होगा, जब नवमांश कुंडली वर्गोत्तम होगी. लेकिन नवमांश कुंडली अलग-अलग होंगे, भाग्य भी अलग ही होंगे।
यह बिल्कुल सही है कि केवल जन्मकुंडली से जुड़वां बच्चों के भाग्य का आकलन करना थोड़ा मुश्किल है. अक्सर लोग इसके निर्धारण के लिए ‘गर्भ कुंडली या कृष्ण मूर्ति पद्धति’ का उपयोग करते हैं. इससे भी भाग्य का सही-सही आकलन हो जाता है।

