बहुएं छोड़ रहीं ससुराल : मध्य प्रदेश के एक गांव में पानी परिवारों के अलगाव की वजह बन गया है. गर्मी ने अभी कायदे से दस्तक नहीं दी है, तब ये हाल है कि इस गांव के हर दूसरे घर में बहुएं और पत्नियां मायके रवाना हो रही हैं. इस शिकायत के साथ कि जब शौच के लिए पानी नहीं तो ये परिवार और गांव बहू-बेटियों की मर्यादा का क्या ख्याल रखेगा. डिंडौरी जिले के गांव देवरा में नल जल योजना तो है लेकिन नल में पानी महीने में दस दिन भी मुश्किल से आता है. गांव के राजेंद्र उन पीड़ितों में से हैं जिनकी पत्नी ये कहकर गई है कि पानी नहीं तो हम भी नहीं।
डिंडौरी जिले के देवरा गांव के रहने वाले जीतेन्द्र सोनी घर के खाली पड़े बर्तनो को उलटाकर किसी तरह इतना पानी निकाल पाए कि चाय के जूठे कप धो सकें. गर्मी में पसीना पसीना हो रहे जीतेन्द्र के परिवार में पानी महीनों तक कलह की वजह रहा. और अब अलगाव का कारण बन गया. जीतेन्द्र की पत्नी ने ये कहकर घर छोड़ दिया कि अगर पानी नही तो हम भी नहीं।
गांव की बहू माया भी छोड़ेंगी घर, वजह पानी
देवरा गांव की बहू संगीता भी सावन से पहले चैत में ही मायके जाने का सामान बांध रही हैं. अपनी परेशानी बताते हुए उन्होने कहा “वे भी जल्दी ही मायके जाएंगी. वजह ये है कि पानी की वजह से उनके घर में हर दिन विवाद हो रहा है.” वे कहती हैं, “गाव के घरों में शौचालय तो है लेकिन पानी नहीं है. गांव की पढ़ी लिखी महिलाएं बाहर शौच के लिए नहीं जा सकतीं क्योंकि उन्हें शर्मिंदा होना पड़ता हैं. लेकिन घरों में इतना भी पानी नहीं रहता कि बाहरी निस्तार के लिए सहेजा जा सके।
डिडौरी जिला मुख्यालय के इस देवरा गांव की कुल आबादी लगभग 3000 है. यहां नलजल योजना तो पहुंच चुकी है पर पानी महीने में कुल 10 दिन ही ग्रामीणों के घरों में पहुंचता है. वही गांव में 5 कुएं हैं जो साफ सफाई के अभाव में दम तोड़ चुके हैं. अगर हैंडपंप की बात करें तो तीन हैंडपंप हैं जिनमें बमुश्किल पानी आता है. ऐसे में गांव वालों को पानी इकट्ठा करने के लिए दिनभर मशक्कत करनी पड़ती है. जिससे ग्रामीणों से विवाद की स्थिति पैदा होती है।

