AngelChakmaMurderCase : सीएम धामी का वादा – सबसे कड़ी सजा दिलाएंगे’ :- देहरादून में पढ़ाई कर उज्वल भविष्य के सपने देखने वाले त्रिपुरा के युवा एंजेल चकमा की मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. एंजेल के छोटे भाई माइकल और उनके पिता तरुण प्रताप का दुख पूरे देश ने देखा है. उन्होंने मीडिया को बताया कि किस तरह अपने जिगर के टुकड़े माइकल को बचाने में एंजेल ने अपनी जान गंवा दी।
एंजेल चकमा के भाई माइकल चकमा ने एक वीडियो में बताया था कि 9 दिसंबर की शाम को एंजेल चकमा अपने भाई और दो साथियों के साथ कुछ सामान लेने के लिए किराना स्टोर जा रहे थे. जहां अचानक कुछ युवाओं ने नस्लीय टिप्पणी करना शुरू कर दिया, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो युवाओं ने उनपर चाकू से हमला कर दिया और वह घायल हो गए।
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माइकल ने जैसे तैसे अपने भाई को अस्पताल में भर्ती कराया. मगर, 17 दिनों बाद एंजेल चकमा जिंदगी की जंग हार गए. देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में त्रिपुरा निवासी युवक एंजेल चकमा की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. इस सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है।
मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है. पुलिस को आशंका है कि मुख्य आरोपी नेपाल सीमा क्षेत्र में छिपा हो सकता है, जिसके चलते सीमावर्ती इलाकों में तलाश तेज कर दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि नौ दिसंबर को सेलाकुई में मामूली विवाद के बाद कुछ युवकों ने एंजेल चकमा पर चाकू और हाथ के कड़े से हमला कर दिया था. गंभीर रूप से घायल एंजेल को ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और कान के आसपास गंभीर चोटों को मौत का कारण बताया गया है. मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी की तलाश तेजएसएसपी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में कुल छह आरोपी सामने आए. इनमें से पांच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी अब भी फरार है. वह मूल रूप से नेपाल के कंचनपुर का निवासी बताया जा रहा है।
एसआईटी करेगी मामले की जांच
पुलिस अधीक्षक विकासनगर की अध्यक्षता में गठित एसआईटी पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी. इसके साथ ही पीड़ित परिवार द्वारा प्रस्तुत किए गए जाति प्रमाणपत्र के आधार पर मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट के तहत जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को 29 दिसंबर को चार लाख 12 हजार 500 रुपये की पहली किस्त आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की गई है. उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. नस्लीय टिप्पणी में विवाद से एसएसपी का इनकारनस्लभेदी टिप्पणी के आरोपों को लेकर एसएसपी ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में इस तरह के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं. पीड़ित पक्ष की तहरीर में भी नस्लीय टिप्पणी का उल्लेख नहीं है. हालांकि, यदि भविष्य में इस दिशा में कोई प्रमाण सामने आता है तो पुलिस उस पहलू से भी जांच करेगी।

