Chhath Puja Festival 2025 : खटीमा में धूमधाम से मनाया गया छठ महापर्व (Chhath Puja Festival 2025)| सीएम धामी (CM Dhami) ने दिया सूर्य को अर्घ्य : – हर वर्ष की भांति इस साल भी खटीमा के संजय रेलवे पार्क स्थित छठ घाट पर पूर्वांचल समाज द्वारा बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ छठ महापर्व मनाया गया. इस दौरान घाट पर आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला।
सोमवार की शाम खटीमा नगर के छठ घाट पर सैकड़ों की संख्या में पूर्वांचल समाज की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं, फलों, पकवानों और पूजा सामग्री से सजे टोकरे लेकर महिलाओं ने सूर्य भगवान और छठ मैया की आराधना की. इस दौरान व्रती महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना करते हुए डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया, मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस 36 घंटे के निर्जला व्रत का समापन हुआ।
पूर्वांचल समाज के अलावा सर्व समाज के लोग भी इस आस्था के पर्व में शामिल हुए, छठ घाटों पर भक्ति गीतों की गूंज, दीपों की रोशनी और महिलाओं की आस्था ने माहौल को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया।
यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि समाज में एकता और समरसता का भी संदेश देता है, इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं संजय रेलवे पार्क पहुंचे और सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया।
सीएम धामी (CM Dhami) ने पूर्वांचल समाज की महिलाओं और सभी श्रद्धालुओं को छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं (Heartiest wishes for Chhath festival) . उन्होंने कहा कि छठ महापर्व प्रकृति और आस्था का सुंदर संगम है, जो समाज को एकता के सूत्र में बांधता है. मुख्यमंत्री ने कहा — “भगवान सूर्य और छठ (Chhath ) मैया सभी को सुख, समृद्धि और वैभव का आशीर्वाद दें।”
कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी (CM Dhami ) ने बिहार चुनाव (Bihar Elections) पर भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) पर अपना भरोसा जताते हुए एक बार फिर एनडीए सरकार को चुनने जा रही है। धामी (Dhami ) ने कहा कि उन्होंने स्वयं बिहार (Bihar ) दौरे के दौरान जनता के बीच डबल इंजन सरकार के प्रति अपार समर्थन देखा है।
धामी (Dhami ) ने यह भी बताया कि उत्तराखंड (Uttarakhand ) में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शीतकालीन यात्रा (Winter Trip) और अन्य धार्मिक स्थलों की सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु सुरक्षित और सुखद यात्रा का आनंद ले सकें।
खटीमा (Khatima ) में मनाया गया यह छठ महापर्व (Chhath festival) न केवल श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि इसने एक बार फिर दिखा दिया कि उत्तराखंड (Uttarakhand )की धरती पर आस्था, एकता और संस्कृति sanskrti (Culture) का संगम हमेशा जीवंत रहेगा।

