ViralAudio : सीबीआई, वीआईपी और पूर्णसत्य की उम्मीदें ! :- उत्तराखंड की चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नई मोड़ आया है, सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच की शाखा दो ने सोमवार को अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया, मामले की जांच के लिए सीबीआई टीम उत्तराखंड पहुंच गई है।यह कार्रवाई पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के वायरल ऑडियो और वीडियो के बाद हुई, जिससे मामला फिर से सुर्खियों में आ गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति की थी।
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दरअसल, विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई जिसमें भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव में खुलासा किया। इस वीडियो में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित तौर पर शामिल वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने एक ऑडियो का भी हवाला दिया, जिसमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी होने की बात कही गई। इस खुलासे के बाद कांग्रेस और अन्य संगठनों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया और सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। फिर भी यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है क्योंकि हत्याकांड की रात रिजॉर्ट में मौजूद वीआईपी का नाम आज तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। घटना 18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में हुई थी। रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया। शव एक सप्ताह बाद नहर से बरामद हुआ। एसआईटी की जांच के बाद रिजॉर्ट के मालिक और दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ लगभग 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। अभियोजन पक्ष ने कुल 97 गवाह पेश किए, जिनमें से 47 की गवाही ली गई।
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मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर भी हत्या, साक्ष्य छुपाने और अनैतिक देह व्यापार के आरोप तय किए गए।घटना के दिन अंकिता ने अपने मित्र पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उस पर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने के लिए दबाव डाल रहा था। हालांकि, वीआईपी का नाम आज तक राज़ ही बना हुआ है। सीबीआई की यह नई कार्रवाई मामले में सत्य की खोज को और करीब लाएगी और यह जांच पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था और राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

