दिल्ली में बडा विरोध मार्च रोका गया :- लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में पच्चीस विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन से पैदल मार्च करते हुए चुनाव आयोग की ओर बढ रहे थे। यह मार्च कथित वोट चोरी, चुनाव में धांधली और S I R में गडबडी के आरोपों को लेकर था। लेकिन दिल्ली पुलिस ने कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सात जगह बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते में ही इस विरोध को रोक दिया। अनुमति न होने के कारण सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया।
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प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, मार्च के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मौजूदा केंद्र सरकार को “कायर” बताया और कहा कि विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को बैरिकेडिंग कूदकर पार करते भी देखा गया।
चुनाव आयोग का जवाब और बैठक का न्योता, इस बीच, चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश को पत्र लिखकर आज दोपहर बारह बजे मिलने का समय दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि स्थान और पार्किंग की कमी के कारण अधिकतम तीस लोग ही बैठक में शामिल हो सकेंगे।
राहुल गांधी के आरोप, यह विरोध प्रदर्शन उस खुलासे के बाद हो रहा है, जिसमें राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बडे पैमाने पर गडबडी का आरोप लगाया था। राहुल के मुताबिक, यहां एक लाख दो सौ पचास वोटों की “चोरी” की गई, जबकि पिछली बार भाजपा ने यह सीट सिर्फ बत्तीस हज़ार सात सौ सात वोटों के अंतर से जीती थी।
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राहुल ने इसे भाजपा के पक्ष में चलाए जा रहे एक संगठित “वोट चोरी मॉडल” का हिस्सा बताया था, विपक्ष का एकजुट संदेश, इस मार्च में कांग्रेस के अलावा डीएमके, टीएमसी, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के सांसद शामिल थे। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वे किसी भी स्तर तक संघर्ष करेंगे।

