एम्स ऋषिकेश देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थानों में 13वें पायदान पर :- ऋषिकेश अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ने चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के सर्वाेच्च 50 चिकित्सा संस्थानों की सूची में 13वें पायदान पर अपनी जगह बनाई है। इससे पूर्व एम्स ऋषिकेश राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में 14वें पायदान पर था। सभी शैक्षणिक संस्थानों की सूची में एम्स 78वें स्थान पर है।
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एम्स ऋषिकेश का शिलान्यास एक फरवरी 2004 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज ने किया था। भवन निर्माण आदि पूरा होने के बाद 27 मई 2013 से एम्स में ओपीडी की शुरुआत हुई। इसी वर्ष 30 दिसंबर से आईपीडी की सुविधा भी शुरू की गई थी। सितंबर 2012 से एम्स में एमबीबीएस बैच की शुरुआत भी हुई। वर्ष 2014 में यहां नर्सिंग काॅलेज का संचालन शुरू किया गया। स्थापना के बाद से एम्स ने स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित किए। विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के अलावा अपने मेडिकल कॉलेज के माध्यम से एम्स अब तक 824 एमबीबीएस तैयार कर देश की सेवा में समर्पित कर चुका हैं। बृहस्पतिवार को जारी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ ) में एम्स को 13वें पायदान पर स्थान मिला है।
चार वर्ष में 36 पायदान ऊपर चढ़ी एम्स की रैंकिंग
एम्स ऋषिकेश ने चार साल में नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क की रैंकिंग में 36 पायदान का सुधार किया है। वर्ष 2022 में एम्स की रैंकिंग में 49वें स्थान पर थी। 2023 की रैंकिंग में जबरदस्त सुधार करते हुए 22वें पायदान पर स्थान बनाया। 2024 में 24वें व 2025 में 13वें पायदान पर स्थान बनाया है।
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एमबीबीएस की 125 सीटें
एम्स के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की 125 सीटें हैं। वर्तमान में यहां एमडी, एमएस, एमडीएस, डीएम, एमसीएच, पीएचडी, मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ, एमएससी नर्सिंग और बीएससी एलाइड हेल्थ के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। चिकित्सकों को तैयार करने के लिए 214 फैकल्टी हैं। जिसमें 60 प्रोफेसर, 64 एडिशनल प्रोफेसर, 60 एसोसिएट प्रोफेसर और 30 असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। हालांकि फेकल्टी के कुल 305 पद स्वीकृत हैं।
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क्या है एनआईआरएफ रैंकिंग
राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है। यह भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों जैसे विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को शिक्षण, अनुसंधान, समावेशिता और स्नातक परिणामों जैसे विभिन्न मापदंडों के आधार पर रैंकिंग प्रदान की जाती है।सभी के सामूहिक प्रयासों से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। एम्स की पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है कि नए एम्स में हम लगातार दूसरी बार पहले स्थान पर हैं। मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं।

