SpitiTourism : स्पीति के लिंगटी में बर्फ से तैयार हुआ अनोखा कैफे :- स्पीति घाटी ट्रैवलर्स के बीच काफी ज्यादा पॉपुलर है लेकिन, बेहद कम लोग इस घाटी के अनोखे आकर्षण आइस केव कैफे के बारे में जानते होंगे। अगर आप हिमालय की ठंडी वादियों में चिलआउट करना चाहते हैं, तो लिंगटी का यह कैफे आपके लिए एक आदर्श स्थल है।बर्फ से बनी एक प्राकृतिक गुफा के भीतर स्थित इस आइस केव कैफे का निर्माण स्थानीय युवाओं ने किया है। इस गुफा का निर्माण माइनस 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान में रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक लगातार पानी छिड़ककर किया गया है। बर्फ को बरकरार रखने के लिए हर रात पानी का छिड़काव किया जाता है।
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जनजातीय क्षेत्र स्पीति घाटी में एक कैफे पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। पानी को ठोस बर्फ में तब्दील कर तैयार किया कैफे न केवल संरचना बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी आकर्षण का केंद्र बना है। काजा से करीब 15 किलोमीटर दूर लिंगटी गांव में स्थित आइस कैफे स्थानीय पर्यटन कारोबारी छेरिंग लोबदे की कड़ी मेहनत और रचनात्मक सोच का परिणाम है।
कैफे को पूरी तरह से ठोस बर्फ से तैयार किया है। कैफे के पास बर्फ में तब्दील हुए झरने भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। दिन के समय जहां बाहर का तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस रहता है, वहीं आइस कैफे के भीतर तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। चारों ओर जमी सफेद बर्फ, चमकते बर्फीले ढांचे और सर्द हवा के बीच चाय और कॉफी का स्वाद पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव करवा रहा है।
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कैफे में रोजाना सैकड़ों पर्यटक यहां की अनोखी बनावट और बर्फीले झरनों को मोबाइल के कैमरों में कैद कर रहे हैं। यही कारण है कि यह आइस कैफे इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पर्यटकों द्वारा साझा की जा रही तस्वीरों और वीडियो से स्पीति घाटी की खूबसूरती देश-दुनिया तक पहुंच रही है। लिंगटी गांव के पास स्थित कुछ प्रमुख स्थल जैसे लाहुलंग मठ, पिन वैली नेशनल पार्क, गुए गांव, चिचम पुल की यात्रा भी आप बकेटलिस्ट में शामिल कर सकते हैं। यहां आसपास के क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से महसूस किया जा सकता है।

