OnlineGamesBan : आज से इनऑनलाइन गेम्स पर लगा परमानेंट बैन :- ऑनलाइन मनी गेम्स: सरकार ने अब गेम्स को तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांट दिया है ताकि पहचान करना आसान हो। पहला ऑनलाइन मनी गेम्स हैं, जिनमें पैसा लगाया जाता है और जीतने पर पैसे मिलते हैं। सरकार ने ऐसे ‘सट्टेबाजी’ वाले गेम्स पर सख्त पाबंदी लगा दी है।
ऑनलाइन सोशल गेम्स: जो हम मनोरंजन के लिए खेलते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी।
ई-स्पोर्ट्स गेम्स: प्रोफेशनल गेमिंग, जिसे अब सरकार एक खेल के रूप में बढ़ावा देगी।
तीन हिस्सों में बंट गए आपके गेम्स
ऑनलाइन मनी गेम्स: सरकार ने अब गेम्स को तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांट दिया है ताकि पहचान करना आसान हो। पहला ऑनलाइन मनी गेम्स हैं, जिनमें पैसा लगाया जाता है और जीतने पर पैसे मिलते हैं। सरकार ने ऐसे ‘सट्टेबाजी’ वाले गेम्स पर सख्त पाबंदी लगा दी है।
ऑनलाइन सोशल गेम्स: जो हम मनोरंजन के लिए खेलते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी।
ई-स्पोर्ट्स गेम्स: प्रोफेशनल गेमिंग, जिसे अब सरकार एक खेल के रूप में बढ़ावा देगी।
अब हर गेम पर OGAI की नजर
गेमिंग की दुनिया में अब ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (OGAI) पुलिस की तरह काम करेगी। यह नई संस्था तय करेगी कि कौन सा गेम सही है और कौन सा गलत। किसी भी गेमिंग प्लेटफॉर्म को भारत में चलने के लिए अब रजिस्ट्रेशन कराना होगा और डिजिटल सर्टिफिकेट लेना होगा।
पेरेंट्स की टेंशन खत्म, बच्चों पर रहेगा कंट्रोल
नए नियमों में बच्चों की सुरक्षा का खास ख्याल रखा गया है। अब गेमिंग ऐप्स को एक टाइम लिमिट तय करनी होगी, ताकि बच्चे घंटों फोन से चिपके न रहें।
पेरेंट्स अब यह देख पाएंगे कि उनका बच्चा क्या खेल रहा है और कितनी देर खेल रहा है।
अब हर कोई हर गेम नहीं खेल पाएगा, उम्र का वेरिफिकेशन (Age Verification) अनिवार्य होगा।
अभी तक कई विदेशी गेमिंग कंपनियां भारतीय नियमों को ठेंगा दिखाकर सट्टेबाजी और धोखाधड़ी करती थीं। लेकिन अब उनका मुख्यालय दुनिया में कहीं भी हो, अगर उन्हें भारत में अपनी सर्विस देनी है, तो भारतीय कानून मानना ही होगा।
इससे अवैध ऐप्स और सट्टेबाजी पर लगाम लगेगी।अगर किसी गेमिंग ऐप ने आपके साथ धोखाधड़ी की है या आपको कोई परेशानी है, तो अब आपकी सुनवाई होगी। पहले ऐप से शिकायत करें। वहां बात न बने तो सीधा OGAI के पास जाएं। हर शिकायत का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना होगा।

