NFHSDiabetesReport : भारत में हर 5वें पुरुष में हाई ब्लड शुगर – रिपोर्ट :- भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और बीमा कवरेज बढ़ने के बीच देश की सेहत से जुड़ी एक नई चुनौती भी सामने आ रही है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसके पीछे बदलती जीवनशैली, खानपान में आए बदलाव, बढ़ता वजन और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारण अहम माने जा सकते हैं। वहीं हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में मामूली गिरावट जरूर दर्ज हुई है, जो स्वास्थ्य जागरूकता के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है।
NFHS के आंकड़ों के अनुसार, पुरुषों में हाई ब्लड शुगर का स्तर पहले 17.8 फीसदी था, जो बढ़कर 20.9 फीसदी हो गया है। यानी अब करीब हर पांचवां पुरुष इस समस्या की चपेट में है। महिलाओं में भी स्थिति चिंताजनक है। उनके बीच हाई ब्लड शुगर का आंकड़ा 13.5 फीसदी से बढ़कर 15.6 फीसदी हो गया है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई है।
डायबिटीज के बढ़ते मामलों के साथ मोटापा और ओवरवेट की समस्या भी चिंता बढ़ा रही है। महिलाओं में मोटापे और अधिक वजन का आंकड़ा 24 फीसदी से बढ़कर 30.7 फीसदी तक पहुंच गया है। पुरुषों में भी यह दर 21.3 फीसदी से बढ़कर 22.9 फीसदी हो गई है। बढ़ता वजन शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है और लंबे समय में डायबिटीज, हृदय रोग तथा किडनी से जुड़ी परेशानियों की आशंका भी बढ़ सकती है।
डायबिटीज के बढ़ते आंकड़ों के बीच हाई ब्लड प्रेशर को लेकर रिपोर्ट से थोड़ी राहत मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, हाई बीपी का स्तर 24.3 फीसदी से घटकर करीब 23.4 फीसदी हो गया है। भले ही यह कमी बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य जागरूकता और नियमित जांच की दिशा में इसे सकारात्मक बदलाव माना जा सकता है। समय पर बीमारी की पहचान और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज लेने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड शुगर में बढ़ोतरी के पीछे आधुनिक जीवनशैली की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि कम होना, असंतुलित खानपान और बढ़ता तनाव शरीर पर सीधा असर डालते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य को सिर्फ बीमारी होने के बाद इलाज तक सीमित रखने के बजाय बचाव और नियमित निगरानी पर भी ध्यान देना जरूरी है। खासतौर पर जिन लोगों में वजन बढ़ने या परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, उन्हें अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क रहना चाहिए।

