NeevMeNagNaginPair : घर की नींव में नाग-नागिन का जोड़ा क्यों रखा जाता है ? :- जब भी किसी नए घर की नींव रखी जाती है, तो उससे जुड़े कई धार्मिक और पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं. इन्हीं में से एक है नींव में नाग-नागिन का जोड़ा रखने की परंपरा. आपने भी कई बार बुजुर्गों को इस बारे में बात करते हुए सुना होगा, लेकिन क्या कभी सोचा है कि इसके पीछे आखिर क्या मान्यता है।
हिंदू धर्म में नागों को केवल सर्प नहीं, बल्कि भूमि, धन और संरक्षण के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है. मान्यता है कि नींव में नाग-नागिन का जोड़ा रखने से घर की रक्षा होती है, वास्तु दोष दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. चलिए आपको बताते हैं घर की नींव में नाग-नागिन का जोड़ा क्यों रखा जाता है और इसके पीछे की धार्मिक मान्यता क्या है?
धार्मिक मान्यता और महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागों को पृथ्वी और पाताल लोक का रक्षक माना गया है. वास्तु शास्त्र में भी भूमि पूजन और नींव पूजन का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि नींव में नाग-नागिन का जोड़ा स्थापित करने से भूमि दोष शांत होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है।
कई परंपराओं में नाग देवता को भगवान शिव का प्रिय माना जाता है. इसलिए घर निर्माण के समय नाग-नागिन का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रथा चली आ रही है. इससे परिवार को सुख, शांति और सुरक्षा प्राप्त होती है तथा जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं।
धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं
पृथ्वी का आधार- पुराणों के अनुसार पाताल लोक में शेषनाग का वास है और पूरी धरती उन्हीं पर टिकी है।
भवन की सुरक्षा- नाग देवता को घर और संपत्ति का रक्षक माना गया है, जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती।
भूमि दोष का निवारण- घर बनाने के लिए जमीन की खुदाई की जाती है, जिससे subterranean जीवों या नाग देवता को कष्ट पहुंचने का दोष लगता है. इस दोष से मुक्ति के लिए नाग- नागिन का पूजन कर उन्हें स्थापित किया जाता है।

