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khojinarad HIndi News > खोजी नारद ब्रेकिंग न्यूज़ > LungCancer : क्या ई-सिगरेट बढ़ा रही है फेफड़ों के कैंसर का खतरा ?
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LungCancer : क्या ई-सिगरेट बढ़ा रही है फेफड़ों के कैंसर का खतरा ?

ई-सिगरेट को सुरक्षित मानना अभी जल्दबाजी.

admin
Last updated: 2026/08/03 at 10:59 AM
admin
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2 Min Read
LungCancer
LungCancer : क्या ई-सिगरेट बढ़ा रही है फेफड़ों के कैंसर का खतरा ?
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Highlights
  • क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?
  • ई-सिगरेट को अक्सर सामान्य सिगरेट की तुलना में कम नुकसानदायक बताया जाता है.
  • यह जोखिम उन लोगों में और अधिक हो सकता है.

LungCancer : क्या ई-सिगरेट बढ़ा रही है फेफड़ों के कैंसर का खतरा ? :-  फेफड़ों का कैंसर दुनिया भर में सबसे गंभीर बीमारियों में से एक माना जाता है और इसका सबसे बड़ा कारण लंबे समय तक धूम्रपान करना है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में पारंपरिक सिगरेट पीने वालों की संख्या में कमी आई है, लेकिन ई-सिगरेट या वेपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। खासकर युवाओं के बीच इसे एक ट्रेंडी और सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

Contents
ई-सिगरेट को सुरक्षित मानना अभी जल्दबाजीक्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?

लेकिन क्या ई-सिगरेट वास्तव में सुरक्षित है? इस सवाल पर अभी भी वैज्ञानिक शोध जारी हैं। डॉ. शिबा कल्याण बिस्वाल, हेड-पल्मोनोलॉजी, शेल्बी इंटरनेशनल हॉस्पिटल्स के अनुसार, ई-सिगरेट को पूरी तरह सुरक्षित मान लेना सही नहीं है और इसके लंबे समय तक इस्तेमाल से फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ई-सिगरेट को सुरक्षित मानना अभी जल्दबाजी

ई-सिगरेट को अक्सर सामान्य सिगरेट की तुलना में कम नुकसानदायक बताया जाता है। कई लोग इसे धूम्रपान छोड़ने का तरीका भी मानते हैं। हालांकि, इसके समर्थन में अभी पर्याप्त और मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं।

डॉ. बिस्वाल के मुताबिक, ई-सिगरेट के लंबे समय तक इस्तेमाल का फेफड़ों और फेफड़ों के कैंसर पर क्या असर पड़ता है, इसे लेकर अभी भी व्यापक शोध जारी है। इसलिए इसे पूरी तरह सुरक्षित विकल्प मानना सही नहीं होगा।

क्या वेपिंग से बढ़ सकता है फेफड़ों के कैंसर का खतरा?

अब तक हुए कई अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि ई-सिगरेट का इस्तेमाल फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। यह जोखिम उन लोगों में और अधिक हो सकता है जो ई-सिगरेट के साथ-साथ सामान्य सिगरेट भी पीते हैं।

ऐसे लोगों को ड्यूल यूजर कहा जाता है। यानि अगर कोई व्यक्ति यह सोचकर वेपिंग शुरू करता है कि इससे वह सिगरेट छोड़ देगा, लेकिन बाद में दोनों का इस्तेमाल करने लगता है, तो उसके लिए खतरा और बढ़ सकता है।

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