DehrakhasMurder : इंटरनेट की दोस्ती बनी मौत! Dehradun के देहराखास में हुआ Murder :- क्या इंटरनेट की एक पहचान किसी की जान ले सकती है? क्या एक मुलाकात मौत में बदल सकती है? देहरादून के देहराखास से आई यह खबर हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है। एक फाइनेंस कारोबारी की उनके ही घर में चाकू से हत्या कर दी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी और मृतक की पहचान इंटरनेट के जरिए हुई थी। आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ कि बात सीधे हत्या तक पहुंच गई? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
राजधानी देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र के देहराखास में बुधवार शाम एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। 48 वर्षीय फाइनेंस कारोबारी दीपक गुप्ता की उनके घर के अंदर चाकू से कई वार कर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 20 वर्षीय रोहन प्रजापति के रूप में हुई है, जो बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है और पटेलनगर क्षेत्र का रहने वाला है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि रोहन और दीपक गुप्ता की पहचान इंटरनेट के माध्यम से हुई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दीपक ने उसे अपने घर बुलाया था। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कमरे में रखा चाकू उठाकर दीपक पर कई वार कर दिए। हमले में दीपक गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उनके शरीर और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं।
घटना के समय दीपक गुप्ता के परिजन घर में ही मौजूद थे। चीख-पुकार सुनकर जब वे कमरे में पहुंचे तो दीपक खून से लथपथ पड़े थे और आरोपी हाथ में चाकू लिए खड़ा था। परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से चाकू बरामद किया और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मृतक के भाई की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। दोनों के बीच इंटरनेट पर किस तरह की पहचान हुई, कितने समय से संपर्क था और विवाद की असली वजह क्या थी, इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना पूरी तरह अचानक हुई या इसके पीछे कोई पहले से बनाई गई साजिश थी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।
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जानकारी के अनुसार दीपक गुप्ता मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले थे और वर्ष 2004 से अपने परिवार के साथ देहरादून में रह रहे थे। करीब सात से आठ वर्ष पहले उनका तलाक हो चुका था और वह अपने भाई के परिवार के साथ देहराखास में रहते थे। उनकी हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में शोक और डर का माहौल है। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इंटरनेट लोगों को जोड़ता भी है, लेकिन कभी-कभी गलत फैसले और एक पल का गुस्सा ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल देता है। देहरादून की यह घटना सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि ऑनलाइन पहचान और अनजान लोगों से मुलाकात में सावधानी कितनी जरूरी है। फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और इस हत्याकांड के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार है। ऐसी ही बड़ी और सच्ची खबरों के लिए जुड़े रहिए खोजी नारद के साथ।

