NEETExamFraud : नीट में खुलासा – परिवार के 5 लोग कर रहे MBBS :- एक फैमली में कोई डॉक्टर बन जाए तो सबको खुशी गोटी है लेकिन बिना मेहनत देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में हुए कथित पेपर लीक मामले में अब एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसने राजस्थान से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया है. इस पूरे खेल में अब दौसा का एक बड़ा कनेक्शन सामने आया है, जिसके बाद CBI ने जमवारामगढ़ के रहने वाले एक ही परिवार पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. मामला हैरान करने वाला इसलिए है क्योंकि इस ‘बिवाल परिवार’ के एक-दो नहीं, बल्कि पूरे पांच सदस्य फिलहाल अलग-अलग जगह से MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. जांच एजेंसियों को शक है कि इस कामयाबी के पीछे कोई बड़ा झोलझाल छिपा है।
पेपर खरीदने और बेचने का गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों के रडार पर आए इस परिवार के मुखिया का नाम मांगीलाल बिवाल है. सूत्रों के मुताबिक, मांगीलाल पर यह बेहद गंभीर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने बेटे-बेटियों और भतीजे-भतीजी को डॉक्टर बनाने के लिए कथित तौर पर भारी-भरकम रकम देकर NEET का पेपर खरीदा था. बात सिर्फ यहीं तक नहीं रुकी, आरोप तो यह भी है कि पेपर खरीदने के बाद उन्होंने इसे कुछ दूसरे लोगों तक भी पहुंचाया यानी लीक के इस नेक्सस को आगे बढ़ाया. अब सीबीआई इस परिवार के सभी सदस्यों के पुराने एजुकेशनल और एकेडमिक रिकॉर्ड्स को खंगालने में जुट गई है।
छुट्टी लेकर गायब हुई बेटी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब जांच की सुई दौसा के पंडित नवल किशोर शर्मा मेडिकल कॉलेज की तरफ घूम गई है. दरअसल, मांगीलाल की बेटी प्रगति बिवाल इसी मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रथम वर्ष की छात्रा है. कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रगति ने बीते 14 मई को घर जाने के लिए एक लीव एप्लीकेशन दिया था और छुट्टी लेकर कॉलेज से निकली थी. लेकिन इसके बाद से वह न तो कॉलेज वापस लौटी है और न ही उसके घर पहुंचने की कोई पुख्ता खबर है. प्रगति का इस तरह अचानक छुट्टी लेकर गायब हो जाना इस पूरे मामले को और ज्यादा संदिग्ध और रहस्यमयी बना रहा है।
मार्कशीट और स्कोरकार्ड भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसियां अब प्रगति के पूरे बैकग्राउंड को खंगाल रही हैं. बताया जा रहा है कि कोरोना काल के दौरान प्रगति प्रमोट हुई थी, जहां उसे 12वीं में करीब 90 फीसदी अंक मिले थे. इसके बाद साल 2025 की NEET परीक्षा में उसने 385 अंक हासिल किए और SC कैटेगरी के कोटे से उसे दौसा मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल गया. अब जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 12वीं के नंबरों से लेकर NEET के स्कोरकार्ड तक की पूरी कहानी में कितनी सच्चाई है और कितना फर्जीवाड़ा।

