ViralMonkeyDrama :बंदरिया ने बच्चे को किया किडनैप ! दिल जीतने वाला वीडियो :- यह खबर हमें याद दिलाती है कि ममता की कोई भाषा या प्रजाति नहीं होती.अगर आप इस वीडियो को देखेंगे तो वाह क्या भावना है जरूर बोलेंगे क्योंकि मुजफ्फरनगर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे देखकर विज्ञान और संवेदनाएं दोनों हैरान हैं. एक बंदरिया ने तीन महीने की मासूम बच्ची ‘कलसुम’ को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा. लेकिन यह कोई हिंसक हमला नहीं था; बंदरिया बच्ची को अपना बच्चा समझकर उसे दुलार रही थी. जब पूरे कस्बे की सांसें अटकी हुई थीं, तब एक पशु प्रेमी ने अपनी चतुराई से इस मासूम को सुरक्षित बाहर निकाला.सोशल मीडिया से साभार लिया गया वीडियो भी आप देख सकते हैं।
पालने से उठाकर कोने में जा बैठी बंदरिया
यह पूरा वाकया मंगलवार को तहसीन के घर में शुरू हुआ. उनकी तीन महीने की बेटी कलसुम पालने में सो रही थी, तभी अचानक एक बंदरिया घर में दाखिल हुई और झपट्टा मारकर बच्ची को उठा लिया. परिजन जब तक शोर मचाते, बंदरिया बच्ची को लेकर एक सुरक्षित कोने में जा बैठी. हैरान करने वाली बात यह थी कि बंदरिया बच्ची को किसी खिलौने की तरह नहीं, बल्कि एक मां की तरह सीने से चिपकाकर उसे चाट रही थी और प्यार कर रही थी।
जब ‘रेस्क्यू’ में आड़े आई जानवर की ममता
जैसे ही मोहल्ले वालों ने बच्ची को छुड़ाने की कोशिश की, बंदरिया ‘रणचंडी’ बन गई. उसे लगा कि लोग उसके बच्चे को छीनने की कोशिश कर रहे हैं. इस जद्दोजहद में उसने बचाव करते हुए करीब 3-4 लोगों को काटकर घायल कर दिया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि स्थानीय पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा. मामला सिर्फ एक बच्ची को बचाने का नहीं था, बल्कि एक ऐसी ‘मां’ से बचाने का था जो ममता के वश में होकर हिंसक हो गई थी।
सन्नी की चतुराई ने टाला बड़ा हादसा
घंटों चले इस ड्रामे के बीच ‘श्री बालाजी चैरिटेबल सोसाइटी’ के पशु प्रेमी सन्नी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. सन्नी ने भांप लिया कि बंदरिया का हाल ही में अपना बच्चा मरा है, इसीलिए वह कलसुम में अपनी ममता तलाश रही है. सन्नी ने बंदरिया को खाने-पीने की चीजों में उलझाकर उसका ध्यान भटकाया और एक सटीक मौका देखकर बड़ी चतुराई से कलसुम को उसके चंगुल से खींच लिया. बच्ची को सही-सलामत देखकर माँ और परिजनों के आंसू छलक पड़े।
इस पूरी घटना का वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि बंदरिया किस कदर बच्ची को दुलार रही थी. विशेषज्ञों का कहना है कि जानवरों में ‘मैटरनल इंस्टिंक्ट’ (मां वाली भावना) बहुत प्रबल होती है।

