MobileMorningHabit : सुबह उठते ही मोबाइल देखना है नुकसानदायक :- डिजिटल दौर में कई लोगों की सुबह की शुरुआत भी मोबाइल फोन से ही होती है। जैसे ही लोग नींद से उठते हैं, सबसे पहले व्हाट्सएप मैसेज चेक करते हैं और फिर सोशल मीडिया या न्यूज देखने लगते हैं। कई बार यह आदत कुछ मिनटों तक नहीं बल्कि आधे घंटे तक चलती रहती है।हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह उठते ही मोबाइल फोन देखने की आदत धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
सुबह का समय दिमाग के लिए होता है खास
न्यूरो सर्जरी के डॉ के अनुसार, सुबह का समय दिमाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस समय दिमाग को शांत और सकारात्मक गतिविधियों की जरूरत होती है। सुबह उठने के बाद कुछ मिनट आराम से बैठना, गहरी सांस लेना या हल्की स्ट्रेचिंग करना दिमाग को दिनभर की गतिविधियों के लिए तैयार करता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति उठते ही मोबाइल स्क्रीन देखने लगता है और लगातार संदेश, न्यूज या सोशल मीडिया स्क्रॉल करता है, तो दिमाग पर अचानक जानकारी का दबाव बढ़ जाता है।
फोन देखने से बढ़ सकता है तनाव
डॉ. बताते हैं कि सुबह उठते ही फोन देखने से दिमाग पर कई तरह की सूचनाओं का दबाव पड़ता है। कई बार मैसेज या खबरें चिंताजनक भी होती हैं, जिससे शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। कॉर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। इसका स्तर बढ़ने से व्यक्ति सुबह-सुबह ही तनाव महसूस करने लगता है। सोशल मीडिया भी मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।
अक्सर लोग सोशल मीडिया पर अपनी उपलब्धियां, अच्छी तस्वीरें और खुशहाल पल शेयर करते हैं।ऐसे पोस्ट देखने के बाद कई लोगों के मन में तुलना की भावना पैदा होती है, जिससे चिंता और असंतोष बढ़ सकता है। विशेषज्ञ इसे डिजिटल स्ट्रेस भी कहते हैं।
आंखों और सिर पर भी पड़ रहा असर
फोन का अत्यधिक इस्तेमाल केवल मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक समस्याएं भी बढ़ा रहा है। लगातार स्क्रीन देखने से कई लोगों को सिरदर्द, खासकर माथे की तरफ दर्द की समस्या होने लगती है।
इसके अलावा आंखों से पानी आना, आंखों में दर्द और जलन जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। देर रात तक फोन इस्तेमाल करने से नींद भी प्रभावित होती है, जिससे शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।
विशेषज्ञों के अनुसार सुबह उठने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट तक मोबाइल फोन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। अगर जरूरी कॉल आए तो उसे सुना जा सकता है, लेकिन सोशल मीडिया या न्यूज देखने से बचना बेहतर है।

