Dhurandhar : जसकीरत सिंह रंगी की असली कहानी? :- 12 हत्याएं… एक टूटा हुआ परिवार… और फिर देश का सबसे खतरनाक जासूस! क्या है जसकीरत सिंह रंगी की असली कहानी?”नमस्कार, आप देख रहे हैं खोजी नारद फिल्म धुरंधर: द रिवेंज इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने जसकीरत सिंह रंगी का किरदार निभाया है, जो एक साधारण युवक से लेकर एक खतरनाक जासूस बनने तक का सफर तय करता है।
लेकिन यह कहानी सिर्फ फिल्मी नहीं लगती, बल्कि इसमें दर्द, गुस्सा, अन्याय और देशभक्ति का ऐसा मिश्रण है, जो दर्शकों को भीतर तक झकझोर देता है। जसकीरत सिंह रंगी की जिंदगी की शुरुआत एक आम परिवार से होती है। वह पठानकोट का रहने वाला एक युवक था, जिसके सपने भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने के थे।
उसके पिता सेना में अधिकारी थे और परिवार में खुशहाली थी। लेकिन एक जमीन विवाद ने उसकी पूरी दुनिया उजाड़ दी। उसके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी गई, एक बहन को मार डाला गया और दूसरी के साथ दरिंदगी हुई। इस दर्दनाक घटना के बाद भी जब आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो जसकीरत का भरोसा न्याय व्यवस्था से उठ गया।
यहीं से उसकी जिंदगी ने एक खतरनाक मोड़ लिया। उसने खुद बदला लेने का फैसला किया। एक दोस्त की मदद से उसने हथियार जुटाए और एक रात विधायक के घर पर हमला कर 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना उसे एक आम युवक से सीधे कानून की नजर में एक खूंखार अपराधी बना देती है। उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है और कोर्ट उसे मौत की सजा सुना देता है। ऐसा लगता है कि उसकी कहानी यहीं खत्म हो जाएगी, लेकिन किस्मत ने उसके लिए कुछ और ही तय कर रखा था।
जेल में उसकी मुलाकात एक रॉ अधिकारी से होती है, जो उसके अंदर छिपे जज्बे और साहस को पहचानता है। वह जसकीरत को एक मौका देता है—देश के लिए काम करने का। इसके बाद जसकीरत की नई पहचान बनती है, वह बन जाता है ‘हमजा अली मजारी’।
कड़ी ट्रेनिंग के बाद उसे दुश्मन देश में घुसकर जासूसी करने का मिशन दिया जाता है। यह मिशन सिर्फ खतरनाक ही नहीं, बल्कि उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा इम्तिहान भी होता है।फिल्म के अंत में सबसे भावुक पल आता है, जब जसकीरत अपने परिवार के पास लौटता है।
वह अपनी मां और बचे हुए परिवार को देखता है, लेकिन उनसे मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। क्योंकि उसके लिए वह पहले ही “मर चुका” होता है।
वह चुपचाप वापस लौट जाता है और एक बार फिर देश की सेवा में खुद को झोंक देता है। एक बेटा… जो सिस्टम से टूटा, एक इंसान… जो बदले में डूबा, और एक सिपाही… जिसने देश के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। जसकीरत की कहानी ये सोचने पर मजबूर करती है—क्या हर गुनहगार के पीछे एक दर्द छिपा होता है? ऐसी ही सच्चाई के करीब कहानियों के लिए जुड़े रहिए खोजी नारद के साथ!”

