UttarakhandCensus2026 : उत्तराखंड में 25 अप्रैल से शुरू होगी जनगणना :- जल्द शुरू होने वाली जनगणना 2026 के बाद पता चलेगा कि उत्तराखंड में पलायन के कारण कितने गांव खाली हो गए हैं, जनगणना निदेशालय ने राज्य के सभी गांवों की पूरी गणना का फैसला किया है, ताकि पलायन और रिवर्स पलायन की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
वर्ष 2011 की जनगणना में प्रदेश के कुल 16,793 गांवों में से 1,048 गांव ऐसे थे जो पलायन के कारण खाली हो चुके थे। जिलेवार स्थिति यह थी: उत्तरकाशी में 707 गांवों में 13, चमोली में 1,246 में 76, रुद्रप्रयाग में 688 में 35, टिहरी में 1,862 में 88, देहरादून में 748 में 17, पौड़ी में 3,473 में 331, पिथौरागढ़ में 1,675 में 103, बागेश्वर में 947 में 73, अल्मोड़ा में 2,289 में 105, चंपावत में 717 में 55, नैनीताल में 1,141 में 44, यूएस नगर में 688 में 14 और हरिद्वार में 612 में 94 गांव खाली पाए गए थे।
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जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, इस बार टीम हर गांव तक पहुंचेगी। पहले चरण में 25 अप्रैल से 24 मई तक भवन गणना की जाएगी और अगले साल 9 से 28 फरवरी के बीच पूर्ण जनगणना होगी।
इसके अलावा, नौ मार्च से देहरादून में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू हुआ है। प्रशिक्षकों को मकान सूचीकरण और मकान गणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, मोबाइल एप और पोर्टल पर डेटा एंट्री की बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। मास्टर ट्रेनर बाद में पूरे प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर जनगणना टीमों को प्रशिक्षित करेंगे।
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इस जनगणना के नतीजे प्रदेश में पलायन और रिवर्स पलायन की वास्तविक स्थिति को उजागर करेंगे और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

