RBI : नहीं मिलेगी होम लोन की EMI पर राहत :- RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी का एलान कर दिया है और ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। सेंट्रल बैंक ने रेपो रेट को 5.25 पर बरकरार रखा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई अब नियंत्रित दायरे में बनी हुई है, और भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। आरबीआई ने महंगाई का अनुमान FY27 में 4 फीसदी से बढ़ाकर 4.2 प्रतिशत कर दिया है।
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भारतीय रिजर्व बैंक ने मॉनेटरी पॉलिसी (RBI Policy) का एलान कर दिया है और ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर अपरिवर्तित रखा है। आरबीआई ने फरवरी 2025 से अब तक रेपो दर में कुल 125 बेसिस प्वाइंट (BPS) की कटौती की है। फरवरी में आरबीआई की एमपीसी की बैठक बजट 2026-2027 और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद हुई है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई अब नियंत्रित दायरे में बनी हुई है, और भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) की दर को 5.50% पर और स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) की दर को 5.00% पर अपरिवर्तित रखा है।
RBI ने क्यों नहीं घटाई ब्याज दरें?
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी का एलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसमत्ति से फैसला लिया कि वह रेपो दरों को 5.25% पर अपरिवर्तित रखेगी, और संभवतः लिक्विडिटी मैनेंजमेंट पर ध्यान केंद्रित करेगी।
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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ब्याज दरों में पहले हुई कटौती का असर बैंक लैंडिंग रेट्स पर काफी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। उन्होंने बताया कि कुल 125 आधार अंकों (बीपीएस) की कटौती के मुकाबले अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की वेटेज एवरेज लैंडिंग रेट (WALR) में 105 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट आई है।
सेंट्रल बैंक ने नहीं दिया GDP अनुमान
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने पूरे वर्ष के लिए GDP अनुमान को अप्रैल की मॉनेटरी पॉलिसी तक स्थगित कर दिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक नई जीडीपी सीरीज जारी होने के बाद अनुमान जारी करेगा।
इसके साथ ही, आरबीआई ने अपने नियर टर्म ग्रोथ फॉरकास्ट को रिवाइज्ड करते हुए पहली तिमाही के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ को 6.9% और दूसरी तिमाही के लिए 7.0% तक बढ़ा दिया है। वहीं, महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “कीमती धातुओं में अस्थिरता को छोड़कर, बेसिक इंफ्लेशन के सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है।”

