raggingvideo : शर्मनाक रैगिंग में बेल्टों से पीटा – गुस्से में मंत्री जी ! :- देश की एडुकेशनल हब माने जाने वाले देहरादून से एक शरमन घटना से स्टूडेंट्स और कैम्पस के अंदर का काला सच बाहर आया है। प्रदेश के प्रतिष्ठित गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज (पटेल नगर, देहरादून) में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग और मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि जूनियर्स को बेल्टों से पीटा गया है।मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर गीता जैन का इस मामले को लेकर बयान भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि एंटी-रैगिंग कमेटी इस घटना की विस्तार से जांच कर रही है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिसिप्लिन कमेटी ने छात्रों के बयान दर्ज किए हैं और कहा है कि कॉलेज में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- केला खाने के अचूक फायदे
एमबीबीएस छात्र रैगिंग दुर्भाग्यपूर्ण – डॉ. धन सिंह रावत
सख्त कार्यवाही करने का निर्देश : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग को सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।
स्थायी रूप से निष्कासन समेत जुर्माना संभव
दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- तुलसी के पत्तों का पानी पीने के फायदे
भारत में रैगिंग को कॉलेज का मजाक नहीं बल्कि एक गंभीर अपराध माना गया। सुप्रीम कोर्ट, UGC और विभिन्न राज्य कानूनों के कारण रैगिंग को लेकर सजा का प्रावधान है और इसकी सजा काफी सख्त है। रैगिंग का आरोप सही पाए जाने पर दोषी को जेल और जुर्माना दोनों को भुगतना पड़ सकता है। इसमें रैगिंग के प्रकार के हिसाब से कोर्ट द्वारा 2 साल तक की कैद से लेकर आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक की सजा है। इसके अलावा यूजीसी भी रैगिंग को लेकर काफी सख्त है और ऐसा होने पर आरोपी के स्थायी रूप से निष्कासन समेत जुर्माना लगाया जा सकता है।

