Brain Health : दिमाग के लिए खतरनाक है ये आदतें :- ब्रेन (Brain Health ) हमारे शरीर का सबसे कॉम्प्लिकेटेड और सेंसिटिव ऑर्गन (Sensitive Organ) है, जो न केवल हमारी सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता को कंट्रोल करता है, बल्कि पूरे शरीर की फंक्शनिंग को कंट्रोल भी करता है। ऐसे में एक हेल्दी दिमाग, बेहतर निर्णय क्षमता, शार्प मेमोरी पॉवर और मेंटल स्टेबिलिटी के लिए जरूरी है, लेकिन आज की बिजी शेड्यूल वाली लाइफ स्टाइल में हम जाने-अनजाने में कुछ ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो धीरे-धीरे दिमाग की फंक्शनिंग को नुकसान पहुंचाती हैं।
अगर समय रहते इन आदतों पर ध्यान न दिया जाए, तो ये कई तरह के मेंटल डिजीज (mental disease ) जैसे कि स्ट्रेस, एंग्जायटी (anxiety) और अल्जाइमर (alzheimer’s ) जैसी सीरियस प्रॉब्लम का कारण बन सकती हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं, ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में जो डेली हमारे दिमाग को कमजोर बना रही हैं-
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नींद की कमी
रोजाना 7–8 घंटे की गहरी नींद ब्रेन की मरम्मत और याद रखने की क्षमता के लिए जरूरी है। लगातार कम नींद लेने से ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचता हैं, जिससे फैसला लेने की क्षमता कमजोर होती है।
ज्यादा स्ट्रेस लेना
लगातार स्ट्रेस में रहना दिमाग में कोर्टिसोल नामक हार्मोन (a hormone called cortisol) बढ़ा देता है, जो न्यूरॉन्स को नुकसान पहुंचाकर याददाश्त और सीखने की क्षमता को प्रभावित करता है।
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गलत खानपान
अत्यधिक जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड या चीनी का सेवन दिमाग की संरचना और कम्युनिकेशन स्किल को बिगाड़ सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी और एंटीऑक्सीडेंट की कमी भी ब्रेन हेल्थ (Brain Health ) पर असर डालती है।
फिजिकल एक्टिविटी की कमी
डेली एक्सरसाइज न करने से मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिलते, जिससे उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे घटती है।
पानी कम पीना
पानी कम पीने से मस्तिष्क में थकावट, एकाग्रता में कमी और चिड़चिड़ापन होता है। ब्रेन को ठीक से कार्य करने के लिए हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है।
ज्यादा तेज आवाज में म्यूजिक सुनना
लगातार तेज आवाज में हेडफोन से म्यूजिक सुनने की आदत सुनने की शक्ति को कमजोर करती है और मस्तिष्क के ऑडिटरी प्रोसेसिंग पर असर डालती है।
मल्टीटास्किंग
एक साथ कई काम करने की आदत मस्तिष्क को अधिक स्ट्रेस में डालती है, जिससे उसकी फोकस और कुशलता प्रभावित होती है।
सामाजिक संपर्क की कमी
लंबे समय तक अकेले रहना या दूसरों से संवाद न करना मस्तिष्क को निष्क्रिय कर सकता है, जिससे डिप्रेशन और याददाश्त की समस्या हो सकती है।
ब्रेकफास्ट न करना
सुबह का खाना मस्तिष्क को दिनभर के लिए ऊर्जा देता है। ब्रेकफास्ट स्किप करने से फोकस और सोचने की शक्ति पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है।
धूम्रपान और शराब का सेवन
नशीली चीजों का सेवन मस्तिष्क की नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है, जिससे याददाश्त, सोचने और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होती है।

