जयराम रमेश के बयान पर मचा बवाल : कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे सांसद भी घूम रहे हैं और पहलगाम हमले के आतंकी भी घूम रहे हैं. उनके इस बयान ने सियासी बवाल खड़ा कर दिया है. बताते चलें कि ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का रुख स्पष्ट करने के लिए जो सात प्रतिनिधिमंडल भेजे गए थे. उनमें कांग्रेस के कई नेता शामिल हैं, जिनमें से एक दल का नेतृत्व सांसद शशि थरूर कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि अप्रैल में पहलगाम में हुए हमले को एक महीना हो गया है. जो आतंकवादी इन हमलों में शामिल थे, वे अभी भी इधर-उधर घूम रहे हैं. आगे उन्होंने कहा, हमारे सांसद घूम रहे हैं और आतंकवादी भी घूम रहे हैं. हम ये सवाल गंभीरता से पूछ रहे हैं. वे (सरकार) इन सवालों का जवाब नहीं देते. BJP केवल कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाती है. इनका हमला कांग्रेस पार्टी पर है, जबकि इनका हमला आतंकवादियों पर होना चाहिए. पाकिस्तान पर कार्रवाई होनी चाहिए. आतंकवादियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि जयराम रमेश ने सबसे क्रूर तुलना की है. उन्होंने कहा, इस तरह कांग्रेस न केवल हमारे सैन्य हमले (ऑपरेशन सिंदूर) को ‘चुट-पुट’ (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी का जिक्र करते हुए) कहकर कमजोर कर रही है, बल्कि हमारे कूटनीतिक हमले को भी कम करके आंक रही है. क्या संसद को उन पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पोस्ट किया, “राहुल गांधी के दाहिने हाथ जयराम रमेश ने संसद सदस्यों की तुलना आतंकवादियों से की!” वहीं, पार्टी के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता गौरव भाटिया ने भी रमेश की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह टिप्पणी बेहद निंदनीय और चिंताजनक है. यह पूरे देश के लिए शर्मनाक है कि एक भारतीय नेता हमारे सांसदों और आतंकवादियों के बीच तुलना करे. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस और राहुल गांधी, PM मोदी द्वारा उठाए गए सख्त कदमों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पहले बुधवार, 28 मई को कांग्रेस ने एक बैठक को संबोधित करते हुए थरूर को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी. क्योंकि थरूर ने कहा था कि मोदी सरकार के तहत सर्जिकल स्ट्राइक अपनी तरह की पहली सर्जिकल स्ट्राइक थी. इस पर कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने कहा कि UPA सरकार ने भी इस तरह की स्ट्राइक की थी, लेकिन उससे राजनीतिक लाभ नहीं उठाया गया।

