IPL से निकला हीरा : 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मंगलवार, 20 मई को एक अविश्वसनीय पारी के साथ आईपीएल 2025 से विदा ली. चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 33 गेंदों पर 57 रनों की परिपक्व पारी खेली और एक बार फिर साबित किया है कि उनके अंदर काबिलियत की कमी नहीं है. आईपीएल इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर वैभव आईपीएल के नए दौर का चेहरा बन गए. इस पूरे आईपीएल में वैभव निडर होकर बल्लेबाजी करते दिखे और एक से बढ़कर एक गेंदबाजों के खिलाफ धुआंधार अंदाज में बल्लेबाजी की. वैभव के निडर अंदाज ने दिखाया है कि यह खिलाड़ी लंबे रेस का घोड़ा है और किसी भी परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना जानता है।
चेन्नई के खिलाफ मैच में 14 साल के वैभव ने कमाल की बल्लेबाजी. उन्होंने 33 गेंद पर 57 रन की पारी खेली और दिखाया कि परिस्थिति के अनुसार भी बल्लेबाजी कर सकते हैं. वैभव ने शार्दुल ठाकुर की गेंद पर छक्का लगाकर अपने आईपीएल करियर की शुरुआत की थी. हर मैच में वैभव ने हर एक गेंद पर बाउंड्री लगाने की कोशिश की जिससे यह सवाल उठने लगे थे कि इस युवा बल्लेबाज को अभी आगे काफी कुछ सीखना है .लेकिन सीएसके के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी ने दिखाया है कि उनके अंदर परिपक्वता भरी पड़ी है और आगे जाकर अपने दम पर टीम को जीता भी सकते हैं।
आईपीएल इतिहास में दूसरा सबसे तेज़ शतक लगाने वाले वैभव ने इस पूरे आईपीएल में गजब की बल्लेबाजी. इस सीजन वैभव ने 7 मैच में 252 रन बनाए जिसमें उनका स्टाइक रेट 206.56 का रहा और साथ ही औसत 36.00 का रहा है. बता दें कि वैभव बिहार के लिए घरेलू क्रिकेट खेला करते हैं. वैभव, धोनी के बाद ऐसे दूसरे क्रिकेटर हैं जिन्होंने घेरलू क्रिकेट खेला है. इन दोनों से पहले कई बिहारी क्रिकेटर हुए हैं जो इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचे हैं लेकिन उनमें से किसी ने भी बिहार के लिए घरेलू क्रिकेट नहीं खेला था।
धोनी के बाद अब क्रिकेट वर्ल्ड में वैभव की चर्चा है. 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने सीएसके के खिलाफ मैच के बाद धोनी से मिले और उनके सामने अपना सिर झुकाया और पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया. आईपीएल के इतिहास में यह पल अमर हो गया. MS Dhoni से वैभव मुलाकात वाली यह तस्वीर कई पीढ़ी तक याद रहेगी. यह एक ऐसा पल था जिसने फैन्स को भावुक कर दिया. दोनों को देखकर ऐसा लग रहा था कि एक पीढ़ी दूसरे पीढ़ी को अपना साम्राज्य सौंप रही है।

