पहलगाम हमले से पाकिस्तान का सीधा कनेक्शन : पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की विश्व के 13 नेताओं के साथ फोन पर बातचीत हुई. इसके अलावा दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय के अन्य सीनियर अफ़सरों की 30 से ज़्यादा राजदूतों के साथ बैठकें हुईं. इन सब में भारत ने इस बात की पुष्टि करने की कोशिश की है कि पहलगाम हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं।
भारत ने बीते 3 दिनों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बताया है कि पहलगाम हमले में आतंकवादियों की पहचान की ‘पुष्टि’ हुई है और पाकिस्तान से ‘संबंध’ स्थापित हुआ है. ज़रूरी प्रत्यक्षदर्शियों समेत खुफिया स्रोतों से हासिल ‘तकनीकी इंटेलिजेंस’ और ‘विश्वसनीय जानकारियों’ से इसकी पुष्टि हुई है विदेशी नेताओं और दूतों को बताया गया है कि आतंकवादियों और आतंकवादी ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के ‘इलेक्ट्रॉनिक सबूत’ पाकिस्तान में कम से कम दो जगहों पर पाए गए हैं।
विदेशी सरकारों को ये भी बताया गया है कि कुछ आतंकवादियों की पहचान की गई है. उनकी पिछली गतिविधियों से पुष्टि हुई है कि वे पाकिस्तान से आए थे और कुछ समय पहले घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में छिपे थे. इन गतिविधियों में से एक तो उनका आतंकवादी हमलों में शामिल होना भी है. प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से इसकी पुष्टि हुई है. बता दें, भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कई जवाबी फैसले लिए हैं. भारत के अधिकारियों ने अपने विदेशी समकक्षों के सामने इन कदमों को उचित ठहराया है. साथ ही, कहा है कि हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
कई देशों ने भारत के साथ समर्थन और एकजुटता जताने की बात कही थी. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर बताती है कि पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसके लिए अपने समकक्षों को धन्यवाद कहा है और उनकी तारीफ की है।

