चिकन खाने वालों सावधान ! : अगर आप भी चिकन खाने के शौकीन हैं तो ज़रा हमारी ये खबर पढ़ लीजिये क्योंकि केंद्र सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने बर्ड फ्लू (एच5एन1) को लेकर 9 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. मंत्रालय की सचिव अलका उपाध्याय द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) वायरस भारत में प्रवेश कर चुका है और संक्रमित चिकन खाने वाले लोग इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं.’जनवरी 2025 से, 9 राज्यों में एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1) वायरस के मामले सामने आए हैं, जिनमें सरकारी स्वामित्व वाले पोल्ट्री फार्म भी शामिल हैं. इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है. सभी सरकारी, वाणिज्यिक और बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मों को जैव सुरक्षा उपायों को मजबूत करना होगा.’ मंत्रालय द्वारा जारी एक पत्र में यह कहा गया है।
सरकार ने बर्ड फ्लू को लेकर 9 राज्यों को किया अलर्ट
केंद्र सरकार ने कहा है कि सभी सरकारी पोल्ट्री फार्मों का जल्द से जल्द जैव सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए और किसी भी कमी को तुरंत दूर किया जाना चाहिए. इसके अतिरिक्त, इसमें यह भी कहा गया कि पोल्ट्री फार्म श्रमिकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए ताकि जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके और असामान्य मौतों की समय पर सूचना दी जा सके. राज्यों से एवियन इन्फ्लूएंजा से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना का सख्ती से पालन करने को कहा गया है. इसके तहत त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय करने तथा पशु चिकित्सा एवं प्रयोगशाला सुविधाओं की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. केंद्र ने कहा है कि इन उपायों पर तत्काल ध्यान देने से एवियन फ्लू के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू के लक्षण, विशेषकर H5N1 जैसे प्रकार के, भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, लेकिन अधिकांशतः वे सामान्य इन्फ्लूएंजा के समान ही होते हैं. बर्ड फ्लू के लक्षणों में लाल आंखें, बुखार, खांसी, थकान, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, मतली, उल्टी, दस्त, जठरांत्र संबंधी समस्याएं, नाक बंद होना और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकती है।
बर्ड फ्लू कैसे फैलता है?
बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है. यह वायरस संक्रमित पक्षियों या दूषित वातावरण के सीधे संपर्क से फैलता है. जो लोग संक्रमित पक्षियों को संभालते हैं या पोल्ट्री फार्मों के साथ निकट संपर्क रखते हैं, उन्हें एवियन इन्फ्लूएंजा हो सकता है. यह वायरस अधपका चिकन खाने से भी मनुष्यों में फैल सकता है।
बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
पक्षियों को छूने या बर्ड फ्लू वायरस वाले क्षेत्रों में जाने के बाद हमेशा अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं. ऐसे जानवरों के संपर्क से बचें जो एवियन इन्फ्लूएंजा से प्रभावित हुए हों. बर्ड फ्लू के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और चिकित्सकीय सहायता लें. चिकन और अंडे को ठीक से पकाएं. गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए फ्लू का टीका लगवाएं।

