ips केवल खुराना का निधन! : आज की सुबह उत्तराखंड पुलिस के लिए दुखद खबर लेकर आयी है। लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे आईपीएस अधिकारी केवल खुराना का इलाज के दौरान निधन हो गया है। इस खबर से पुलिस परिवार और समूचे ब्यूरोक्रेसी में शोक है। आपको बता दें कि उत्तराखंड कैडर के 2005 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केवल खुराना का निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल, साकेत में उन्होंने अंतिम सांस ली।
आईपीएस केवल खुराना उत्तराखंड के काबिल और होनहार पुलिस अधिकारी माने जाते थे। उन्होंने एसएसपी उधमसिंह नगर , देहरादून और निदेशक ट्रैफिक व होमगार्ड जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई बड़े फैसले लिए और जनहित में अहम कार्य किए। उनके प्रयासों की सराहना आज भी आम जनता के बीच की जाती है। उत्तराखंड कैडर के 2005 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केवल खुराना लंबे समय से अस्वस्थ थे और दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल, साकेत में उनका इलाज़ हो रहा था जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से उत्तराखंड पुलिस विभाग और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।
केवल खुराना अपने कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के लिए जाने जाते थे। वर्ष 2016 में उन्होंने एसएसपी उधमसिंह नगर की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुलिसिंग को नई दिशा दी और कई बड़े फैसले लिए, जिनका असर जमीनी स्तर तक देखा गया। उनके कार्यों ने न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि आम जनता को भी प्रभावित किया। अपने अनुशासन और कड़े नियमों का पालन करने के लिए वे प्रसिद्ध थे। देहरादून में ट्रेफिक मैनेजमेंट में भी उन्होंने कई अहम फैसले लिए थे जिसकी तारीफ हुयी और उन्हें ट्रेफिक डायरेक्टर भी बनाया गया था।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस सुधार और होमगार्डस के मनोबल को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 29 फरवरी 2020 को यातायात निदेशालय की ओर से उत्तराखंड ट्रैफिक आई एप (Uttarakhand Traffic Eyes App) का शुभारंभ किया गया था। उत्तराखंड ट्रैफिक आई एप को वर्तमान में Uttarakhand Police App में इंट्रीग्रेड किया। साल 2022 में केवल खुराना को एफआईसीसीआई स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड मिला. आईजी ट्रेनिंग रहते उन्होंने आईपीसी सीआरपीसी के उर्दू के शब्दों को बदलकर आम बोलचाल की भाषा हिंदी में पाठ्यक्रम शुरू कराया। केवल खुराना की साहित्य में भी रूचि थी।

