इस अभियान का उद्देश्य वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को समर्पित करना है और उनकी महानता को सारे देश में प्रस्तुत करना है।
शिलाफलकम और वीरता का स्मरण। ।
इस अभियान के तहत, देशभर में वीरों की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनकी महानता को याद रखते हुए, गांवों और पंचायतों में शिलाफलकम स्थापित किए जाएंगे जो उनके बलिदान को स्मृतिपूर्ण बनाएंगे।
यह अभियान ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें 2 लाख से अधिक कार्यक्रमों के साथ जनभागीदारी देखी गई थी।
अमृत कलश यात्रा: एक प्रतीक। ।
दिल्ली में ‘अमृत वाटिका’ की स्थापना के लिए देश के विभिन्न कोनों से 7500 कलशों में मिट्टी एकत्र की गई है।
अमृत कलश यात्रा’ के द्वारा इन कलशों की यात्रा निकाली जाएगी, जिससे ‘अमृत वाटिका’ बनाने की प्रक्रिया का आरंभ होगा।
यह वाटिका ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की प्रतिबद्धता को प्रकट करेगी और यह देशभर में स्वतंत्रता के महत्वपूर्ण सिद्धांतों का प्रतीक होगा।
सामाजिक सहयोग और भागीदारी। ।
यह अभियान सिर्फ सरकारी पहली नहीं है, बल्कि समाज की भागीदारी की भी एक मिसाल है।
‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के द्वारा लोगों को भागीदारी और सामाजिक सहयोग की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है।
‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम भी इसी समर्थन और सहयोग की मिसाल है, जहां लोगों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का और उसे अपलोड करने का एक अद्वितीय मौका मिलता है।
इस महत्वपूर्ण अभियान का समापन गणतंत्र दिवस के समर्पित कार्यक्रमों के साथ होगा। नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में यह अभियान सम्पन्न होगा।
‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान एक प्रेरणास्त्रोत है जो हमें अपने वीरों के समर्पण और बलिदान को समझने, सामाजिक सहयोग को महत्वपूर्ण बनाने, और एक एकता भाव के साथ देश के विकास में योगदान करने की दिशा में प्रेरित करता है।
यह अभियान हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नयी ऊंचाइयों की ओर अग्रसर करने का एक उत्कृष्ट माध्यम प्रदान करता है।

