बता दें कि ऑर्डर ऑफ द नाइल मिस्त्र का सर्वश्रेष्ठ राजकीय सम्मान है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मिस्त्र के राष्ट्रपति ने एक समझौता पत्र यानि एमओयू पर हस्ताक्षर किया।
पीएम मोदी ने काहिरा में स्थित हेलियोपोलिस वार मेमोरियल का दौरा किया और प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
मिस्त्र में पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान:
बता दें कि इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी अल-हकीम मस्जिद पहुंचे थे।
इस मस्जिद का जीर्णोद्धार बोहरा समुदाय द्वारा किया गया था और 1980 में यह एक नए रूप में लोगों के सामने आई।
इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दाऊदी बोहरा समुदाय के 52वें धर्मगुरु सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन ने ली थी।
मोहम्मद बुरहानुद्दीन का भारत से संबंध था। भारत सरकार द्वारा उन्हें सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने के लिए मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
इस बाबत भारतीय मूल के बोहरा समुदाय के सदस्य शुजाउद्दीन शब्बीर तांबावाला ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है।
बोहरा समुदाय में खुशी की लहर:
उन्होंने कहा कि आज पीएम नरेंद्र मोदी यहां हल हकीम मस्जिद आए हुए हैं।
उन्होंने यहां हमसे बातचीक की और बोहरा समुदाय का हालचाल जाना।
उन्होंने हमसे एक परिवार की तरह बात की। बता दें कि मिस्त्र की यात्रा से पहले पीएम नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिकी यात्रा पर गए हुए थे।
यहां पीएम नरेंद्र मोदी का व्हाइट हाउस में भव्य स्वागत किया गया।
साथ ही भारतीय समुदाय के लोगों के लिए भोज का आयोजन भी किया गया था।
यहां पीएम मोदी ने भारतीय समाज के लोगों को संबोधित भी किया था।

