बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध जयन्ती और वैसाक और वैशाख पूर्णिमा नामों से भी पुकारा जाता है।
कपिलवस्तु के महाराजा शुद्धोदन की धर्मपत्नी महारानी महामाया देवी की कोख से नेपाल की तराई के लुम्बिनी वन में जन्मे सिद्धार्थ ही आगे चलकर बुद्ध कहलाए।
बुद्ध के जन्म, बोध और निर्वाण के संदर्भ में भारतीय पंचांग के वैशाख मास की पूर्णिमा की पवित्रता की प्रासंगिकता स्वयंसिद्ध है।
कपिलवस्तु के महाराजा शुद्धोदन की धर्मपत्नी महारानी महामाया देवी की कोख से नेपाल की तराई के लुम्बिनी वन में जन्मे सिद्धार्थ ही आगे चलकर बुद्ध कहलाए।
बुद्ध के जन्मए बोध और निर्वाण के संदर्भ में भारतीय पंचांग के वैशाख मास की पूर्णिमा की पवित्रता की प्रासंगिकता स्वयंसिद्ध है।
इस तरह करें स्नान और ध्यान:
प्रातः काल स्नान के पूर्व संकल्प लें इसके बाद पहले जल को सिर पर लगाकर प्रणाम करें।
फिर स्नान करना आरम्भ करें।
स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य दें।
साफ वस्त्र या सफेद वस्त्र धारण करें, फिर मंत्र जाप करें।
इस दिन इन मंत्रों का जाप देता है समृद्धि:
ष्ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
नमः शिवाय:
ष्ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः
मंत्र जाप के पश्चात सफ़ेद वस्तुओं और जल का दान करें।
चाहें तो इस दिन जल और फल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा पर इन कामों से बचें।
इस दिन मांसाहार का परहेज होता है क्योंकि बुद्ध पशु हिंसा के विरोधी थे।
झूठ बोलने एवं धोखा देने से बचें। इस दिन किए गए अच्छे कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है।
पक्षियों को पिंजरे से मुक्त कर खुले आकाश में छोड़ा जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा पर इन कामों से बचें।
05 मई 2023 को वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि है। सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस पूर्णिमा तिथि पर भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।
हर साल वैशाख पूर्णिमा की तिथि पर भगवान बुद्ध की जयंती और निर्वाण दिवस बड़े धूम.धाम से मनाया जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन बोधगया में दुनियाभर से बौद्ध धर्म के अनुयायी आते हैं और बोधि वृक्ष की पूजा की जाती है।
इसी दिन बोधि वृक्ष के नीचे भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
बुद्ध पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण का महासंयोग:
इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा पर कई तरह संयोग बन रहे हैं। 05 मई को वैशाख पूर्णिमा की तिथि पर बुद्ध जयंती मनाई जाएगी साथ ही इस दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा।
ज्योतिषीय गणना के आधार पर 130 साल बाद बुद्ध पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।
इसके अलावा इस संयोग के साथ कई तरह के ग्रहों और नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग भी देखने को मिलेगा।
इस तरह के संयोग से कुछ राशि वाालों के लिए विशेष लाभ की संभावना है।
बुद्ध पूर्णिमा पर चार राशि वालों पर रहेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा:
शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि मां लक्ष्मी को प्रिय तिथि होती है।
इस तिथि पर पूजा.पाठ और दान करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है।
इस साल बुद्ध पूर्णिमा तिथि पर 130 साल बाद चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है।
इस संयोग पर कुछ राशि वालों को विशेष लाभ हो सकता है।
मेष, सिंह, कन्या और मकर राशि वालों के लिए यह संयोग बहुत ही फलदायी साबित होगा।
भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा जिससे आपको हर एक कार्य में सफलता मिलेगी।
आपकी आर्थिक स्थिति में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा।
नौकरी पेशा जातकों को अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी।
बिजनेस में मुनाफा होने के संकेत हैं।

