VastuShastra : इन जगहों पर खाना मतलब दरिद्रता को न्योता ! :- कई बार आप घर में बिना सोचे समझे कहीं भी भोजन करने लग जाते हैं, जोकि वास्तु के हिसाब से अशुभ भी साबित हो सकता है. आमतौर पर डाइनिंग रूम में ही लोग भोजन करते हैं. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, भोजन से संबंधित कुछ नियमों का पालन करना जरूरी बताया गया है. आप कहां और कैसे भोजन करते हैं, इसका आपके घर की एनर्जी पर गहरा प्रभाव देखने को मिलता है. हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर के किन हिस्सों में भोजन नहीं करना है?
बेड पर बैठकर न करें भोजन
कई लोग आलस के चलते बेड पर ही भोजन कर लेते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेड पर बैठकर भोजन करना अशुभ माना गया है. ऐसा माना जाता है कि इससे घर में निगेटिव एनर्जी बढ़ती है. इसके अलावा, यह नींद में खलल भी पड़ता है और मानसिक शांति भी प्रभावित हो सकती है।
घर के मुख्य दरवाजे के पास न करें भोजन
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार के पास भोजन करने से बचना चाहिए. यहां भोजन करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा भंग होती है. ऐसा माना जाता है कि यह प्रथा घर की सुख-सुविधाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
बाथरूम के पास न करें भोजन
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम के सामने या पास बैठकर भोजन नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इससे घर का वातावरण खराब होता है और स्वास्थ्य खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
टूटे हुए बर्तनों में न करें भोजन
हमेशा साफ और सही-सलामत बर्तनों में ही भोजन करना चाहिए. वास्तु शास्त्र में टूटे हुए बर्तनों का प्रयोग करना या गंदे स्थान पर भोजन करना अशुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि ये प्रथाएं घर की शांति और सुख को गंभीर रूप से भंग करती हैं।
अंधेरे में न करें भोजन
वास्तु शास्त्र कम रोशनी वाले कमरों में भोजन करने की सलाह नहीं देता है. हमेशा स्वच्छ और अच्छी रोशनी वाले स्थान पर भोजन करने का प्रयास करें. उचित प्रकाश और स्वच्छता स्वास्थ्य और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने दोनों के लिए लाभकारी मानी जाती है।

