SamosaHistory : भारत में हर रोज 5-6 करोड़ समोसे खाए जाते हैं :- आज स्वाद के सफर में बात करने वाले हैं समोस की. हम सभी का फेवरेट ये समोसा जिसे हम बच्चे, बड़े सभी बड़े चाव से खाते हैं क्या आपको पता है कि ये समोसा भारतीय है ही नहीं..आपको ये सुनकर हैरानी हो रही होगी. लेकिन क्या फर्क पड़ता है चाहे ये जहां से भी आया इस बात में कोई शक नहीं है कि ये हमारे दिल को है भाया…फारसी में इसका नाम ‘संबुश्क’ (sanbusak) था, जो भारत आते-आते समोसा हो गया। कई जगहों पर इसे Sambusa और samusa भी कहा जाता था। बिहार और पश्चिम बंगाल में इसे सिंघाड़ा (Singhara) कहा जाता है। आइए जानते हैं समोसे का इतिहास ये कहां से और कैसे आया….
बता दें कि हम सभी के पसंदीदा समोसे को भारत आने के लिए मीलो लंबा सफर तय करना पड़ा था. दरअसल समोसा ईरान के प्राचीन साम्राज्य से यहां पहुंचा है. और तब इसे फारसी शब्द संबूसाग के नाम से जाना जाता था और इसी शब्द से इसका नाम समोसा पड़ा. समोसे का जिक्र पहली बार 11 वीं सदी के ईरानी इतिहासकार अबुल फजल बैहाकी ने अपनी किताब तारीख ए बैहाकी में किया था. उन्होंने गजनबी साम्राज्य में शाही दरबार में पेश की जाने वाली नमकीन चीज का जिक्र किया जिसमें कीमा और मेवे भरे होते थे. जिसके हिसाब से ये तकरीबन दसवीं सदी में मिडिल ईस्ट एशिया में बनाया गया था।
आपको जानकर हैरानी होगी कि जब समोसा भारत आया तब न तो इसमें आलू भरा जाता था ना इसे फ्राई किया जाता था. तब इसमें मीट भरा जाता था और इसे आग पर सेंका जाता था. दिल्ली सल्तनत के अबुल फजल ने आइन ए अकबरी लिखते हुए इसका नाम शाही पकवानों में इसका नाम शामिल किया. फिर इबने बतूता ने भी दुनियाभर में समोसे का किया प्रचार. और फिर 17 वीं शताब्दी में पुर्तगाली भारत में आलू लाए और इस तरह आलू वाले समोसे बनाए. भारत आने के बाद इसमें बदलाव हुए और इसमें आलू, मटर और मसाले भर के बनाए जाने लगे और फिर ये समोसे आज भारत का एक प्रमुख स्नैक बन चुका है. तो ये थी कहानी समोसे की तो अब इंतजार किस बात का है…चलिए अब महफिल कुछ इस तरह से सजाते हैं. आप चाय का बंदोबस्त करो हम समोसा लेकर आते हैं।
एक अनुमान के मुताबिक भारत में हर रोज 5-6 करोड़ समोसे खाए जाते हैं। एक समोसे की 10 रुपये कीमत मानें तो अरबों रुपये का कारोबार। यह तमाम छोटी-छोटी दुकानों समेत बड़े-बड़े रेस्टोरेंट तक में देखने को मिल जाता है। यहां तक कि बहुत से लोगों ने तो समोसे को ही अपना बिजनस बना लिया है और उसी के जरिए मोटी कमाई कर रहे हैं। समोसे के बिजनस से जुड़े स्टार्टअप भी बनने लगे हैं। भारत से विदेशों में फ्रोजन समोसे का निर्यात भी होता है। यानी समोसे का बिजनस काफी बड़ा है और इसमें मौके भी बहुत हैं।

