उत्तरकाशी : सिलक्यारा की सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच बुधवार देर शाम सिलक्यारा में 43 एंबुलेंस तैनात कर दी गईं।
सूत्रों के मुताबित , इनमें से सात एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस हैं। शेष एंबुलेंस बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ तैयार हैं। माना जा रहा है कि सुरंग के भीतर फंसे श्रमिक आज बाहर आ सकते हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन के क्रम में योजना यह कि ड्रिलिंग का काम पूरा होने के बाद पहले बचाव दल के सदस्य फंसे मजदूरों की ओर जाएंगे।
इसके बाद पहिए लगे स्ट्रेचर से मजदूरों को एक-एक करके बाहर लाया जाएगा। इस दौरान मलबे के बाहर ही सुरंग के मुहाने पर तैनात डॉक्टर मजदूरों की स्वास्थ्य जांच करेंगे।
इसके बाद इन मजदूरों को मौके पर मौजूद एंबुलेंसों के जरिए हॉस्पिटल भेजा जाएगा।
हेल्थ टीम के नोडल अफसर डॉ. विमलेश कुमार के नेतृत्व में 22 डॉक्टर और 80 अन्य मेडिकल स्टाफ को भी सिलक्यारा और चिन्यालीसौड़ में तैनात रखा गया है।
टनल के पास ही अलग-अलग जगह 150 ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की व्यवस्था की गई है।
सीएचसी तैयार फंसे मजदूरों के लिए चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 बेड का अस्थायी अस्पताल तैयार कर लिया गया है।
यहां आईटीबीपी और पुलिस बल तैनात किया गया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. विनोद कुकरेती ने बताया कि अस्थायी हास्पिटल में 41 बेड लगा दिए गए हैं।
इसके साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात है। उधर, शाम करीब पौने पांच बजे आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस ने अस्पताल को घेर लिया।
उधर, हवाई पट्टी के मैनेजर घनश्याम सिंह ने बताया कि रात में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था न होने से रात्रि के समय छोटे हवाई जहाज का लैंड करना मुश्किल है। हालांकि, हवाई पट्टी पर अन्य सभी इंतजाम पुख्ता किए गए हैं।

