इसी क्रम में एफडीए की दो टीमों ने सुबह अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाया।
इस दौरान 400 किलो मिलावटी पनीर पकड़ा गया।
जिसे नगर निगम की मदद से ट्रंचिंग ग्राउंड में जेसीबी से नष्ट किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा।
दून व आसपास के क्षेत्रों में राज्य के बाहर से सप्लाई होने वाले दूध व दुग्ध उत्पादों की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की दो टीमें गठित की गई।
पहली टीम का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा विभाग के उपायुक्त जीसी कंडवाल व दूसरी टीम का नेतृत्व गढ़वाल मंडल उपायुक्त राजेंद्र सिंह रावत ने किया।
टीम ने एफडीए विजिलेंस के साथ अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर दूध व दुग्ध उत्पादों की जांच की।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीसी जोशी ने बताया कि टीम ने धर्मपुर-डांडा स्थित एक स्टोर में छापा मारा, जिसमें एक कमरे में डीप फ्रिजर में धर्मेंद्र व शुभम नाम के व्यक्तियों ने दो कुंतल पनीर रखा हुआ था।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह पनीर इरशाद नाम का व्यक्ति रामपुर मनिहारान, सहारनपुर से लाया था।
जिसको प्राइवेट वैन से देहरादून व मसूरी के होटलों व रेस्तरां में सप्लाई किया जाना था।
पनीर रिफाइंड तेल, आरारोट आदि मिलाकर तैयार किया गया था।
वहीं, छह नंबर पुलिया पर अफजल व पिंकू कुमार नाम के दो व्यक्तियों से वैन में लाया जा रहा दो कुंतल पनीर भी एफडीए की टीम ने पकड़ा।
इस तरह अलग-अलग स्थानों से पकड़े गए चार कुंतल मिलावटी पनीर को जेसीबी चलाकर नष्ट किया गया।
इसके अलावा पनीर, मावा व मसाला के आठ सैंपल एकत्र कर गुणवत्ता जांच के लिए रुद्रपुर स्थित लैब भेजे गए हैं।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान चलाने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंजू रावत, रमेश सिंह, संजय तिवारी, विजिलेंस इंस्पेक्टर जगदीश रतूड़ी व कांस्टेबल योगेंद्र भी शामिल रहे।
इस तरह करें पहचान:
पनीर को खरीदने से पहले उसका शुद्धता चैक करने का बेहद आसान तरीका है।
इसके लिये दुकानदार से पनीर छोटा से सैंपल मांग लें।
इसके बाद पनीर को हाथ पर रखकर मसल कर देखें।
यदि पनीर ज्यादा मुलायम है और टूटकर बिखर रहा है तो समझा जायें कि पनीर नकली है।
दरअसल ये रुई जैसा मुलायम पनीर मिल्क पाउडर से बनाया जाता है, जो प्रैशर नहीं सह पाता और बिखर जाता है।
रबड़ का पनीर:
पनीर ज्यादा सख्त भी नहीं होना चाहिए।
अगर पनीर जरूरत से ज्यादा टाइट है और रबड़ की तरह खिंच रहा है तो भी सावधान हो जायें।
इसके लिये आयोडीन की मदद से पनीर को चैक कर सकते हैं।
सबसे पहले पनीर को पानी में उबालें और उसे ठंडा कर लें।
इसके बाद ठंडे पनीर में आयोडीन का सप्लीमेंट या नमक भी डाल सकते हैं।
आयोडीन ड्रॉप डालने के बाद कुछ समय के लिये पनीर को छोड़ दें।
अगर पनीर कहीं से भी नीले रंग का हो रहा है तो यह भी नकली पनीर है, जो दूध में कैमिकल आदि डालकर बनाया जाता है।
इसे खाने से सेहत भी बिगड़ सकती है।
पनीर में यूरिया और डिटर्जेंट तो नहीं:
त्यौहारों के वक्त बाजार में कुछ दुकानदार अच्छा मुनाफा कमाने के लिये जनता की सेहत से खिलवाड़ करते हैं।
बता दें कि कई बार यूरिया और डिटर्जेंट का दूध आर पनीर बेचने के मामले सामने आते रहे हैं।
ये आपको देखने और खाने से पता नहीं चलेगा, बल्कि सेहत के बिगड़ने के बाद ही शरीर से इसके संकेत मिलेंगे।
आप चाहें तो खाने से पहले ही इसकी जांच कर सकते हैं।

