कांवड़ के लिए 300 CCTV और महिला सुरक्षा टॉप पर : आगामी कांवड़ मेले के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्री आवागमन और सुरक्षा को लेकर जीआरपी मुख्यालय रानीपुर में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, इस बैठक में रेलवे, आरपीएफ, मुरादाबाद और सहारनपुर जीआरपी से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया, बैठक की अध्यक्षता एसपी जीआरपी तृप्ति भट्ट ने की। कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र हरिद्वार, योगनगरी ऋषिकेश, रुड़की और आसपास के स्टेशनों को दो सुपर जोन, तीन जोन और छह सेक्टरों में बांटा गया है, ताकि व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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300 CCTV कैमरों से निगरानी
मेले के दौरान सुरक्षा चाक-चौबंद रखने के लिए 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह कैमरे रेलवे स्टेशन और उसके आस-पास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। सीमावर्ती जिलों और राज्यों के साथ समन्वय बनाकर ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
सुरक्षा बलों की तैनाती और विशेष टीमें
एसपी तृप्ति भट्ट ने जानकारी दी कि बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वायड (BDS), एंटी-सबोटाज यूनिट, और डॉग स्क्वायड लगातार निरीक्षण करेंगे। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी।
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नशा तस्करी पर नजर
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) से समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि मादक पदार्थों की तस्करी को रोका जा सके। इसके साथ ही, 200 से अधिक जीआरपी अधिकारी और कर्मचारी, आईआरबी की प्लाटून, और आरपीएफ मिलकर महत्वपूर्ण ट्रेनों में एस्कॉर्ट ड्यूटी निभाएंगे। एंटी टेरर स्क्वायड (ATS) की टीमें भी सक्रिय रहेंगी।
रेलवे स्टेशनों को दो सुपर, तीन जोन व छह सेक्टर में बांटा
एसपी जीआरपी तृप्ति भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। कैमरों से मेला क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर संदिग्धों पर नजर रहेगी। साथ ही सीमावर्ती राज्य व जिलों के मध्य सीमाओं पर आपसी समन्वय बनाते हुए ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। एसपी तृप्ति भट्ट ने बताया कि बीडीएस, एंटी सबोटाज, डॉग स्क्वायड लगातार चेकिंग पर रहेंगे। महिलाओं से छेड़खानी की घटनाएं सामने आने की संभावना के दृष्टिगत महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्तियां की जाएंगी।मादक पदार्थों की तस्करी रोकने को एएनटीएफ टीम से समन्वय स्थापित किया जाएगा। मेला ड्यूटी में जीआरपी के 200 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी, आईआरबी द्वितीय से प्लाटून एवं आरपीएफ के सहयोग से विभिन्न महत्वपूर्ण ट्रेनों में एस्कॉर्ट ड्यूटी व एटीएस की टीमें तैनात होंगी।

